सब सिंगार घेघरे बिगार

सब सिंगार घेघरे बिगार

                                         ना भूँख लग्ना , नाही प्यास लग्ना , नाही नीद पर्ना । काहेकी अपन गाँउमन पुस २६,२७ ओ २८ गते प्रथम वृहत थारु साहित्यिक ओ साँस्कृतिक महोत्सब कर्ना पक्का हुइल ओ जेकर संयोजकके जिम्मा अपन कन्ढम रहे । गाँउमन जुन खह्र कटाइ मचलरहे । वहै जाके सारा गाँउभरिक किसनुवन भल्कक् डँरुवम बैठके ““जहाँ नापुगे रवी वहाँ पुगे कवी ””कना भावनाके साथ जौन ऐसिन नगर पालिका जहाँ विद्युतनाहि खम्बा गरलनैहो , जहाँ कन्द्रा लदिया आधागाँउ उठिबास करसेकलबा , बखामन हिल्ला ओ चारुपाँजर डोरा ओ कन्द्रक कारण विरामिन अस्पताल लैजैनै कर्रा , फेनमन चाहे सिडिएमए रहे टावर निरहठ , एकवनुवा ओ लदिया बिनाने नाँघके हाइ स्कूल जाइनैमिलट बस उहे गाँउ सरकार हडबडाके घोराघोरी नगरपालिका बनाडेहल जौन नामे गल्टिबाते काम कहाँमजा रहि जैसिन कनास लागठ । वहैं हमरे बराभारी छाति कराके सारा देशभरके थारु साहित्यकारण बलाके कार्यक्रम सम्पन्न पारेसेकलेसे हमार सपना पुरा हुजाइ जैसिन लागल रहे । ओ वहाँक समस्याहे लेख तथा बोलीले सम्बन्धित निकाय सम पुगाब कहिके तयारी करगिल ओ सारागाँउभरिक जनताके उत्साहजनक रुची देखके महिन बरा खुशि लागल । नेपालमन बन्देबन्द रना हमार देशके कारण जुराइल साइत फेन दुइ चार दिनफेन पछगुरुवाइ परल ।
सारा गाँउक मनैन ओ करिब पाँचसय घरधुरि हुइल भारीगाँउक विशेषकरके बाल क्लब ओ बुद्धिजिविन बैठाके विविध कार्यसमिति चयन करगिल । कोइ प्रचार प्रचार ते कोइ व्यबस्थापन ते कोइ प्रायोजक ते कोइ घरघर चन्दा सहयोग अनि कोइ डगर सफाइ ते कोइ डगर मर्मत टोली , सृगांर टोली वस्तहि उत्साहित जन्निनके गेँगटा मुसवा ओ काठी खोज्ना तथा ढिकरीपरना वस्तहि पटिया टुरना छेडना तमान टोली चयन ओ जिम्मेवारी बाँडफाँड करगिल । साराजे अपन काममन लागगिनै मने मोर भर चित्तेनैबुझे काहेकी मै कहँु मोर अटना बिगरल गाँउ कैसिके अटनाभारी जिम्मा मजासे सफल करहिँ कहिके रहिरहि फोनकरु ओ अपनहि जाके डगरटक बनागिल । मने डगर बनाइबेर सुक्खरके सुरक्षाटोली खुद कैसिन कार्यक्रम ओ यकर संयोजक केहो ? कहटि काम करट देखके धन्यबाद देलैं । सुनके खुशिलागल काहेकी मजा काम करि ओ करेपरल कना भावनाके सहित विचारकेमनै हमार संगठनहे मजा करटो कहिके खुद सुरक्षा इन्चार्ज कनामन बरा खुशिलागल । महिन विश्वासे कर्ना कर्रा लागल एकजुटहुके करलकाम खासकरके जन्नीन धन्यवाद देनासलागे । काहेकी खुद सिधाकम्मर अनि काठिचिरना सारा थारु परिकार गेँगट मुस ,पटोसनि वस्तहिँ लगनशील पुर्बक करलकाम जत्तिके मोर गाँउक मनै एकजुट हुुसेकनै । यी कार्यक्रमके बहानासे सारा जन्नी एकसँग घुम्टी काम करटै ओ साँझके अइना काल्हीक योजना बनाइट देखके विश्वासके आपसि भावनाके ओ सबजे विकाशके गति खोजटैँ । गाँउक इज्जट टोँप्ना कसरट करटैं ।
सारा ठाँउ गेट से सँपरगिल , डगर खोल्टी खोल्टा हल्काफुल्का बनगिल , रेडयो पत्रपत्रिकामन फेन सूचना आइलागल । कहटि कहटि २६ गतेफेन आगिल । जत्तिक हेगास मुटास लग्ना , घरहिँ रलेसेफेन दिमाँक डटकरलरना । गौखैसे लाजनाहुजाए । देश भरके थारु साहित्यकारनके जमघट हुइजाइटा ऊफेन अपने गाँउमन । वइनके आघे डारुपिके कोइ होहल्ला , झगरा कोइ असबभ्य व्यवहार नारैं । बरु अपन गाँउ कैसिक चिन्हाउ कना सोँच आए ।
सघंरियन फोनकरेबेर फोन नैलग्ना एस एम एस करैँटे घण्टाभरपाछे आएटे टब ऊ संघरियन लेहेजाइक डगरा देखाइकलाग संघरियन पठाउँ । विचारै अत्तरियक टोली विहान्ने आइटि कहिके करल एस एम एस तीन घण्टापाछे पुगल हडबडाके फोन कर्नुटे जबलपुर पुगल सुन्नु । टब घुमके आइक कनु बस वस्तहिँके दाङ ,बर्दियक संघरियन लेहेकटन फेन डफ मंजिरा ले ले डल्लफ लैके सुक्खर लेहे एकटोली गैल वस्तहिँ खुरहुरियक संघरियन खन्लान बाजेनके टेक्टर गैल ओ हमरे एँहोर मञ्च तयार कर्ली । रातभर काल्हीक कार्यसिडियोल ओ आइपर्ना समस्याके बारेमे छलफल ओ बह्रियक बठिन्या टोलीनसे मजासे लैला लैला नाँचफेन कर्ली ।
डोसर सक्कारे संघरियन कन्द्रक बनाइल दूरदशा देखाइ लैगैनु ओ अपन गाँउक खेचुहियापुर , बनखेट्वाटोल , गिडरपुर , फचकपुर अनि सर्रहिया टोल घुमइनु ओ पहिले मोर घर रहल ठाँउ देखैनु । यिहे कन्द्रक कारण हमार जस्टे टमान घर उठीबास बनाइल दुखेसो संघरियन पोख्टी कलम चलाइक आग्रहफेन करनु । हमार गाँउक दूरदशा जब देखैनुटे संघरियन मस्टैटी कठै यहाँक लवण्डनपर अपन गाँउक विटियादेना बेकारबा बरु लैजाइ सेकजाइ । हेरिना कटना मनदुख्नाबाट गाँउक हालटखदेख्के कोइ अपन छाइदेना मना करटै । मने रमटलिया तलुवा, ढोकरिन्या तलुवा , सर्रहिया तलुवा , कट्रिन्या तलुवा , चटिया ,जुरपनिया तालुवा ओ चारुओर हरियर प्रकृतिसे भरल बनुवा तालतलैया देखके सबके मनमोहलेहल ।
ओँहोर कार्यक्रम हुइना समय हुइलागल ,दूर दूरसे पहुना ओ दर्शक जनता निमाविके अँगनम जुटेलग्नै । मने बरका पहुना क्षेत्र नं. ४ के माननिय गौरी शंकर के ढिलाइके कारण हमार कार्यक्रम ढिला हुइत जाइतेहे । फोन करलेसे नैलग्ना लग्लेसेफेन सरद्याइलहस अवाज अइना । हमार कार्यक्रम असर पर्नाहस हुइलागल तब था.क.स. सभापगि लाहुराम थारुहे बरका पहुना बनैना कहति मञ्चओर माँगर गैति फूल चाउर छिटट जन्नी बठिन्या टोली स्वागत करके भित्रयैनै । जातसे बराट आइलहस विल्गना , सुहावन लग्तिक डेल्वा , सजाइल कल्सा अनि वमनहि जात सुहावन खेजरिक पतियम हरेक पटियक टुप्पम फूला गुँहदेनै टब लाइन निरहल गाँउ रलेसेफेन बिद्युतिय विजलिहस विल्गाए । एँहोर कार्यक्र चालु हुगिल ठिक्केपर माननिय पुग्नै । आइबेला डगर खराबि ओ फोनके समस्याक कारण देखैनै । तब मै कहनु भरखर नेतन कुछ पटाचलठुइजे गाँउक समस्या का बा कहिके ।
जात्तिके सारा गाँउक जन्नी लेहङ्घा चोलीम मञ्चके एक्के पाँजर बैठल अनि अपन पोसाकमन एकपाँजर थारुनके बगाल । जात्तिके आझसम स्कूलके अँगनम अटना मनै कबुफेन नैजुटल रहै ओ नाँहि अब कबु जुटना मौका लागि सायद । मञ्चमन बह्रियक सखिया नाँचलैके स्वागत हुइलागल । बगालभर बठिन्यन वमनहिँ छुनछुन मँजिरक ताल ओ मंदरक अवाज पुरा गाँउ चैनार बनादेहल । बुह्रापाका मनै कहैँ गाँउमन सखिया नाँच हुइलेक धेरदिन हुगिलरहे अब धर्ति जागि बरकत आइ गाँउमन सुख सुबिधा आइ कहटहैँ । मेरमेराइक सखिया , झुम्रा , हुरडुङवा, क्यासट नाँच वस्तहिके साहित्यिक प्रस्तुति हँसैना जिस्कैना , गाएककारनके मस्ताइत नाँचनाँच ओ दर्शकन नाँचाके गाइल गीत वमनहि गाँउबासिनके मेहनटले बनाइल फुन्नहा दोनिया कटौटिडार टेपरिम अँन्डीक भात ,ढिकरी ,वमनहि मुसवक चटनी , गेँगटक टिना, फुलौरी , पटोसनी , कचरिक बरिया सबके मन मोहना सफल हुजाइट ओ सारा सर्रहिया बासी धन्यबादके पात्र बनेपुगठै । मोर सुखैला छाति अपन गाँउक बखान करति सुनके बरा चाप्पर हुजाइट । वमनहि माननिय के मन्तव्यमन यी पिछरल गाँउहे अपन सभासद कोषसे सात लाख डेना प्रटिबद्धता जनैठै । यी बाट सुनके हमार खुशिके सिमा हेराजाइट । अपनमन सात लाखके लोटरी लागलहस खुशि लागके हम्रे सबजे मञ्चके आघे नाँच नाँचके खुशि मनैठी ओ गाँउ बासिन कठि हमार गाँउमन करल यी कार्यक्रमके उत्साह डेख्के हमार माननीय यी गाँउ बिकाशके लाग सात लाख रुपया डेना बचन करनै कठि सारा गाँउ बासिम फरक खुशिके रौनक बिलगल महिन उ पल के खुशि सायडै कहिया मिललरहे ओ मिली कना पटै नैहो । कार्यक्रम ओरैना से पहिले हमार माननीय हमार अँगनम से विदा लैके जाइ लगठै टब सबजे बरो प्यारसे अपन नेता कहिके स्वगत करटी थोप्री बोजाके विडा करठी । कार्यक्रम यहाँ चल्टी रहठ हमारजुन । समय जुन ऐसिन रहठ की उ बर्षकै सबसे जारडिन यहे रहठ । मनो फिरभि खुशिक बाट बहुट हमार काकी बडाइ, दिदी बाबुनके , डाडुभैयनके ढेरसे ढेरजे अपन लगाब निछोरनै चाहेजार जटना रलेसेफेन । कार्यक्रम दुइ दिनमन ओरवैठी । कार्यक्रम समापन हुसेकलेसेफेन हमार दर्शकलोग हमार मञ्चेनै छोरै मनो दुःखके बाट यी रहेकी हम्रहिन हलहिल्ले बाजाकाजा , टेन्ट पठैना रहे । पैसा फेन धेर खर्चा निकरल जब कार्यक्रम ओराके हिँसाब कर्ठीट उल्टा अपन गोझुसे टिर्ना ढन्ढा हुइठ । ज्या रलेसेफेन हमार गाँउम कुछ विकाश ट हुइल कहिके चित बुझैठी । कार्यक्रम जस्टहीँके समापन हुइट जाइठ वस्टहिँके मनहे सुनसान लागठ । डुरडुरसे आइल पहुनन सब बिडाबारी लैके जइलग्ठैँ । कार्यक्रम मनसे जाइबेर माओबादीक संघरियन कठैँ यहाँक पैसा निकास पाइकलाग अपनेनके हलहिल गाँउक बैठक करके उपभोक्ता समिति चयनकरके हमहिन डेबि ओ अपनेनके नाममन टब पैसा निकासा हुइ कनै । हम्रेफेन सल्लाह कर्ठी कि यी पैसा कलेक ऐसिन चिजहोकी सबके आँखि लागठ टब मारे यहर सहि सडुपयोग करके धेर बिकाश करे सेकजाय कलेसे हमार साहित्यिक सँस्थाके नाम रहि कहिके हम्रे अपन संयोजक मन कार्य समिति चयन कर्ना प्रयास कर्ठी मने बहुट बिबाद हुइठ । बिवाद के बापजुटफेन यहोर ओँहोर खुसामट करट करट जेहोस मोरे संयोजकमन यूवा टोलीके कार्यसमिति चयन हुइट । अनि वहैँ हमार सल्लाह हुइट कि हमार गाँउ डगरके निकास सबसे कमजोरबा टब मारे भल्मन्सासे सल्लाह करके कठी यी बजेटटे बहाना हो मने गाँउम मनैन लगाके यकर मजा सदुपयोग करेकपरि ओ यकर काम आँखि लग्ना बिल्गैनाचाहि कठि । समय बिटट जाइठ ओ समय फेन आजाइट कि सभासद कोषके रुपया ठाँउ ठाँउमन निकास हुइना हुइलागल । हम्रे बरा मिठ आसमन बैठल रठि । अचानक एकदिन एकठो माओबादी प्रतिनिधि नैन चौधरी सरके फोन मोर कानेम आइठ ओ जब हलो सर बटाइ कठु टब उ सुरुमन हिरा सर जी माफ करबि अबखरटेका यार कठै , टब मै कठु काहे सर ? अबखरटेका अपनेनके गाँउमन पैसा पारे नैसेकगिल आँउदो बर्ष अपनेनके गाँउहे विशेष ग्राहयतामन ढारके काम कराजाइ कनै । टब मै कनु सर अलिक किल लाज हुइ कलेसे अपने असौक बचन पुरा नैकरे सेक्ना मनै औरे सालेक आस्वासन काहे डेहठी ? का अपनेनके साभासद कोष कलेक उ स्वयम सभासदके जिम्मा रहठ की किहनो अनुमति लेहेक परठ ? मै कनु अपनेनके फेन हमार आघे बहुट मजा राजनीति डेखैली । यहाँ जे इमनदारहुके काम करना चाहटा उहिन यहाँ कोइ नैगठ । यहाँ टे अपन पार्टीहे ज्यादा स्वार्थ कहाँसे पुराहुइ हमार गोझु कहाँसे अलिक मजा से भरि कना किल हेरठी टबमारे हमार यहाँ निपर्ली । आइ इन्दा हमार गाँउमन माओवादी कुनै कार्यक्रम लैके आइ टे उ आस अब नैकर्लेसे हुइठ । हमार जैसिन सोझा साझा जन्ता पाके जैसिक प्रयोग कर्लेसे फेन हुइठ कहिके नैसोँच्लेसे हुइठ । गाँउभर यी बात बराभारी ठाँउ पाइठ । हमार माननीय गौरीशंकर चौधरी पैसा लोभ डेखाइल मने अपनहि बरा लोभी निकरल कहिके चर्चा पाइठ । कोइ जुन यी लावा समितिय पैसा खाइल कठै मने का कर्ना हो हमार यी गाँउक जनतन ते जैसिक भुँठलेसेफेन बनठ । माओबादीहे जिटैना यी गाँउक भारी योगदान रटि रटि वास्तविकता भर वइनके मन कटना काला व्यवहारसे यी गाँउक आस, भरोसा, विश्वास, मेहनटी हाँथ हे ठाह्रे हत्या करल । टब मै कठु यी राजनीति बहुट फोहरी घिनौना स्वार्थी ग्याम हो । नै टे जरुर डया माया लग्ने रहिन । गौरी शंकरसे मै चित नैबुझके भेँट करठु ओ अपन सँग थारु कल्याणकरिक सचिवहे लैजैठु ओ यी सक्कु बात थारु कल्याण करीणिम फेन ढरठु टब था.क.स. कारण पत्ता लगैना प्रयास करके माधर सरसे भेँट करेजैठी मने गौँरी शंकर मिना माननियक कामहो नै टे सब बन्नाहो कठैँ ओ ओँहोर जब जैठि टे मिना कठि यी काम उहे गौरी शंकर जीके हो । करिब तीन चार फेर हम्रे क्यारम बोर्डके गोटीहस माधव सरसे पालिक पाला डौरल रठि । टब कठि डुनुजे सँगे अब हमार लाग बैठडी डुनुजाने अपनेनके हमारे नेता हुइ मने डुनुजे बैठडी टब हम्रे अपनहि बटवाबि कठि मने डुनुजे बरा सिपार निकरजैठै डुनु जे अ अपन समय नैहो कठै । मिना जि डाबि करके कठि उ बुँडा लिखल रहे सर उ बुँदा कटुइया उहे गौरी माननीय होँइ । कुछ समय अभिन बाँकि रहे यदि दुनुजे सायन करके सँच्या डेलेसे बन्ना रहे मने दुःखड बाट हम्रे केवल क्यारमके गोटिकिल बनके घुमलकर्ली मने उद्देश्य पुरा हुइ नैसेकल ।
कुछ दिन पाछे टब लाजे सर्मे माननिय जी हमार गाँउमन लि सर तिनलाग ग्राविल कहिके पारडेलि कनै बस अटनै कहानी अभिन हमार गाँउक मनैन चिक्टल करठ । सब सिँगार सब सिगाँर बस घेघरे विगार कहेहस यहाँ हुगिल ।
ओराइल