पौली

पौली

कहुँ काँटा
कहुँ खोल्टी
कहुँ ठेस !
जब घरसे निकरठ
पौली प्रदेश !
घर सुनसान
डगर सुनसान
देश सुनसान पर्टि !
मन्द मुस्कान
आँश झर्टि !
एकदिन एैना
बाचा कर्टि !
बिदा लेहेथ पौली !
देश छोर्टि !

पत्थरके शहर
मरुभुमिक बालु
समुन्दरके पानी
कहुँ गहिँर खोल्टी !
नंघटि !
अन्जान अपरिचित संग !
नेपाली बोल्टी !
बिदा लेहेथ पौली
आगे डोल्टि !
बिदा लेहेथ पौली
संसार छोर्टी !

अन्जना