मोर रिस

बचपन छोर्ति ओजरार मुहारमे जवान हुईनु
जस्ते जस्ते बर हुईनु रोंवाँ छुटल
पुरान हासल खलल भुलैती रहनु
मने केक्रो पर लागल रिस अभिन
जसके तस बा यी कब भुली।।
…..
सोच्थु अब रिस राग नाई करम मै
रिस टे क्षण भरके लग रहना हो जे
फुला झरे हस ओईलाके झर जीना चाही
तब किल कोपिला हस मन चाङगा हुईत
रिसमे जरके ओस्ते समाजमे खरब हुईना।।
……
सब टे कथै फलनवा दादा नि भैया मजा
डर लागथ मोर रिस जुन आगी हस बा
हेरम कथु बिहानेक खुलल फुलल संसार
झराक झराक रिस लग्ती रहथ थोरेमे
मनैन मजा देख्न कि मोर आँखी ओस्ते हो।।
…..
जहा जहा जैथु आगे खशी मिलथ तौन
पाछे करिया कुचिल आँधी हस रिस आईथ
सोच्थु अब बीस पीई लिउ कि का मै
बीस टे एकघचि महि तरपाई काहु
मोर रिस टे जिन्गी भर दोसर हे गोझी ।।

बचपन छोर्ति ओजरार मुहारमे जवान हुईनु
जस्ते जस्ते बर हुईनु रोंवाँ छुटल
पुरान हासल खलल भुलैती रहनु
मने केक्रो पर लागल रिस अभिन
जसके तस बा यी कब भुली।।
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सोच्थु अब रिस राग नाई करम मै
रिस टे क्षण भरके लग रहना हो जे
फुला झरे हस ओईलाके झर जीना चाही
तब किल कोपिला हस मन चाङगा हुईत
रिसमे जरके ओस्ते समाजमे खरब हुईना।।
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सब टे कथै फलनवा दादा नि भैया मजा
डर लागथ मोर रिस जुन आगी हस बा
हेरम कथु बिहानेक खुलल फुलल संसार
झराक झराक रिस लग्ती रहथ थोरेमे
मनैन मजा देख्न कि मोर आँखी ओस्ते हो।।
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जहा जहा जैथु आगे खशी मिलथ तौन
पाछे करिया कुचिल आँधी हस रिस आईथ
सोच्थु अब बीस पीई लिउ कि का मै
बीस टे एकघचि महि तरपाई काहु
मोर रिस टे जिन्गी भर दोसर हे गोझी ।।