डेख्टीकिल मन पर्गील, ट्वहार चाल डेखके ।

डेख्टीकिल मन पर्गील, ट्वहार चाल डेखके ।

डेख्टीकिल मन पर्गील, ट्वहार चाल डेखके ।
हेर्टी रह गैनु स्याउहस्, ट्वहार गाल डेखके ।

पागले हुइनु कि का, राटके फेन रामो रामसे,
सपनामे सुह्रैटी रह गैनु, ट्वहार बाल डेखके ।

एकटर्फी प्यार हो कि, केमरै हो मोर आँखी,
डुरेसे चिन्नु कुर्टा सुरुवाल, ट्वहार लाल डेखके ।

गहिर सोचाइ बा मोर, अलपटरे बिल्गटा उ,
सुग्घरमे ढनी लजाइटु, ट्वहार माल डेखके ।

भरखे पटा पैनु ट्वहार बारेम, अब डराइटु,
कैसिक कहु जोरसे, ट्वहार दलाल डेखके ।
## ( लाहुराम चौधरी ) भजनी – ललिट जनरल स्टोर