माघ

माघ

गुड्रि ओहोरके लहाई गैलेक याद बा माघ !
पुर्खनसे आशिर्बाद पैलेक याद बा माघ !

कुछ कारण कुछ बाध्यताले दुर बाटुँ आज !
अपने घरेक अालु चोराके संगे खैलेक याद बा माघ !

याद सोचत हुईबो गैल बिस्राईगिल मिहिन !
उहे रात सक्हुन नचाके गित गैलेक याद बा माघ !

अनु अन्जना चौधरी