डीजल नै हाे

डलाली हुइटामने किसाननके लाग बजारमन डीजल नैहो ।

फुरेसे कहुँटे भ्रष्ट नेटनके कमरा अभिन यहाँ भीजल नैहो ।

 

आन्दोलन, भुँइचालके खाटि अभिन मजासे चोखाइल कहाँ बा ?

अनारीहस लागल महिन यइनके डिमाक अभिन सीजल नैहो ।

 

हमार देशके हाल कासे काहुगिल यी ठेक्डारीनके झग्गरकिल ,

अनारी लागट डेख्के अभिन मजासे डीमाक यइनके रीजल नैहो ।

 

कुन देह कुन जमाना युग बडलके करोट लैके आँग लैसेकल ,

मनो हमार नेता कहुइयनके इज्जत अभिन लाजले खिजल नैहो ।

हिरालाल सत्गाैँवा

घाे.न.पा.३,सर्रहिया,कैलाली

मनके सब बाट टुहिन बटाइ नैसेक्नु ।

फेनु अपन मनसे टुहि हटाइ नैसेक्नु ।

 

बारम्बार जब याड सटाइ लागठो टुँ ,

टब टुहिन फोन करके सटाइ नैसेक्नु ।

 

यडी आझ नै लरम टे काल्ह केडोसि ?

खै फेन मनमे सहास जुटाइ नैसेक्नु ।

 

यी स्वार्थी दुनिया फाइडा किल हेरठ ,

बस चोखो मनसे काहे पटाइ नैसेक्नु ?

हिरालाल सत्गाैँवा

घाे.न.पा.३,सर्रहिया,कैलाली