मोर कहाई

मोर कहाई

शायद आज छुटिक दिन हुके हुई मोर काम कर्ना ठाँउमे एक प्रकारके सुनसान हुईल रहे । ३ तल्लाके उपर काम करुईया ७,८ जाने मोर जस्ते काम करुईया कामदार संघरियन चुपचाप कुछ सुनल देखके मैफे आपन काम कर्ना ठाँउ छोर्के ओहरी संघरियन ओर लग्नु ।
काम कर्ना ठाँउ अके रहे मने कोठा फरक फरक हुईल ओरसे उ संघरियन आघे पुगजाईत । ओस्ते त मोर डयुटी ८ घण्टा ओ ओईनके १२ घण्टा रहिन । मै लग्घे जाके सकु संघरियन एकमुस्ट रुपमे गुडमर्निङ कनु,संघरियन फे अके स्वरमे कनै गुडमर्निङ हजुर । और दिन अलग अलग बैठल काम करुईयन मनैन आज अके ठाँउ जुटल देखके पुछनु का हुईता यहाँ पुछेक का रहु कहे लगनै बिनोद सर लौण्डा लौण्डीक गफ सुनबी हो ? कसिन गफ हो कटी नै बुझल हस् कर्नु, तर उहाँ तो एक्थो मोबाईलमे लौण्डा लौण्डी बात करल आवाज जोरतोरसे घरे ठर्कना गरी बजतहे ।
पाछे पत्ता पैनु और कुछ नै हुके कतारमे बैठना नेपाली लौण्डा ओ ओकरे हस दोसुर देशमे कमाईल गैल लौण्डीके गफ करल बात रहे । आखिर मै फे लौण्डा न पर्नु मै फे संघरियन संग खुब ध्यान लगाके सुन्टी बैठनु । तर मै और संघरियनके हस् मज्जाक लाग नै सुनके कुछ बात पता पाईक लाग ओ जानेक लाग सुनतहु । करिब २५ मिनेटके उ गफगाफ घरी घरी सुनाईतहै ।
उ बात सुनके मै कबु भुखाईल बघुवाहस् भित्रे भित्रे रिस लागके आँखी नै देखतहुँ त कबु दया ओ चिन्ताले मन रोए । आखिर काहे हुई ना असिन आँखी देखल फे नै नतो चिनल जानल खाली नेटके से चिनलके भरमे एक्थो लौण्डी आपन जात,धर्म,सन्तान और थर ठेगाना बतैती विश्वास दिलाइ तहे कलसे एक ओरसे मुहेम आईल हरबात खोज खोजके मज्जालेती पुछटी रहे लौण्डा । और त और कहे की सानु कटी सुनलेसे सरम लग्ना शब्द काहो कसिन हो पुछती रहे । आखिर यहाँ सम मनै कसिक गिरे सेक्थ । का सक्कु कमाइृल गैल मनै अस्ते रठै । आपन घरके सब दुख पिडा भुलाजैठै अस्ते अस्ते सवाल मोर मनमे जागे लागल रहे । जतिके यी दुनिँयामे सबकोई आपन आपन स्वार्थमे दुबल बातै आखिर काहे मै प्रश्न कर चाहतु ।
उपरसे उ लौण्डी भोज करल औ लर्का समेत रहल । लर्कानके नाँउ, लर्का पह्रना स्कुल बुरुवाक नाँउ बुरुवा कर्ना काम सक्कु बात उ चिनल न जानल लौण्डासे गफ करल उ बात ओकर घरेक मनै सुनही त ? और त और उ छोटमोट नाबालक लर्काके भविष्य का हुई ? कहाँ कहाँ महिन चिन्ता फे लागे लागल रहे । काहे की एक न एक दिन उ बात करल तो ओकर परिवारीक मनै अवश्य नै सुनही काहेकी आजकलके युग हावाके जमाना हो । एक से ओकर ओकरसे दोसर कर्ती तेसर चौथो बहुत जाने लैलेही । झन् तो औरके दुखमे रमैना दुनियाँ असिन भेटाईतो और काका हुई किहिन का पता बा । हमार सकु काम करुईया संघरियनके मोबाईलमे धारसेकल रहै मैफे दारलेनु ओ आपन काम कर्ना रुम ओर लग्नु ।
अकेल बैठके फेनु सुन्ना मन लागल, सुन्ती गैनु तो अलि लेख्ना मन मनमे जागल तब यी लेख लेखल हुँ । कृपया अपनेनके अन्यथा नै लेबी कना अनुरोध करतु । मै केक्रो माया प्रेममे डाहा कर्के लेखे खोजल नै हो । बरु असिन किसिमके घटना पता पाके माया प्रेम करुईयान सचेत हुईही कना आधारले यी बातहे प्रष्ट पारे खोजल किल हो । असिक त मोर देखल पहिल घटना किल नाई हो । मोर आपन संघरियक जिवनमे यी घटनाफे लागु हुईल रहिस मै उहिन बहुट सम्झनैु तर नै मानल आखिर ओकर जिवनमे एक्थो कहानी बनके रहिगिलीस तबमारे माया कना कोनो खेल नै हो । माया कबु आन्धर नै रहट माया करुईया मनै आन्धर बनजैठै । तब प्रष्ट पारे खोजल हो ।
अस्तेके नेटके भरमे चिनल भौगोलिकरुपसे दुर हुईल ठरुवा मेन्धरुवा हूईती कहती वैव क्याममे वस्त्रहिन हुईती नुक नुकके भिडियो क्याम ओ मोबाईलसे खिचके देशी विदेशी संघरियन देखैती देती बरा भारी काम करल हस सम्झना मनै फे यी दुनिँयाम बहुत बातै । मै केक्रो लुकाईल चिज भङग करके ओकर मन दुखाई नै चाहम बरु आपन करल गल्तीक पश्चाताप हुई ओ फेनु केक्रो जिवनमे असिन किसिमके भविष्य सङग खेलबाड नै करै कना मोर विचार हो ।

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तर यकर अर्थ यी किल नै होकी लौण्डा किल दोषी हो । काहेकी लौण्डी जबसम मनपरि कहे नै दि तब सम लौण्डा सिमा भित्रर रही यदि लौण्डी नै मनपरी करी कलसे लौण्डानके का उते भंमरा नाहो सुन्दर फुलाके तलासमे नेङगना । बल देहना फे लौण्डी नै रहथै जबसम लौण्डी उहिन आपन मनोबलसे बाहेर निकारलि तो लौण्डा तो छाडा हुई नै हूई नै हो । असिक कहिके नारी अस्तित्वमे दाग लगाई नै खोजल हो । हमार जन्मदाता फे नारी नै हुई । महिन लागत यदि कोई पवित्र माया प्रेम करल हो कलसे असभ्य तरिकासे आपन पे्रमिकाके सामु कबु नै आई क्षणिक आनन्द कबु नै हेरी, देखाई नै बरु लुकाई खोजी । आपन प्रिय चिजहे कोई नै देखाई कोई आँखी नै लगाई कहिके ।
अन्त्यमे मै सकु संघरियन सङग बिन्ति करतु किहिनो विश्वास करके मकै निखोरके नङगा कराईलहस् हम्रे नङगा नै हुई । हम्रे जहाँ रहि जसिन रहि जोन ठाँउमे रहि सकहुनसे सभ्य व्यवहार करी । पवित्र आत्मा लेके सभ्य तरिकासे जिहिनसे फे हाँसी मज्जाक करर्ले से फे हो जाईठ आखिर दुई दिनके जिवन हो काहे नै मज्जा बन्ना और काहे नै मज्जा बनैना औरके जिन्दगी । यदि अपनेन के कोई आपन मनै यी किसिमके काम करठुही तो जरुर अपने हुक्रे सम्झाई बुझाई सेकबी तर दुर दुर बैठके आनेक देशमे कमाई जाके आपन घर परिवार बाल बच्चा भुलैना काम भर नै कर्बी यी मोर अपनेने से अर्जी बायौ ।
बिनोद चौधरी (हाल धनगढी)