पागल दिल देहनास

पागल दिल देहनास

पागल दिल देहनास लागथ मानो लेहुईया कोईनि होई ।
गल्चुम्मा खुब खैनास लागथ मानो देहुईया कोईनि होई ।

का कानो अपान त जिन्दगी आस्ते बितत आज काल ,
मैयाक रास जतरा मिठास बरैलेसे पियुइया कोईनि होई ।                      श्री प्रसाद थारु अहिर