खै काहे ?

खै काहे ?

खैकाहे कोइ महि अजकल सतैती रहथ ।

अपनसे दुर फेन खै काहे हतैती रहथ ।

काहे आँसके किल अजकल बात करथ ,
कररा नाँपराउ कहिके बतैती रहथ ।

 

हिरालाल सत्गौंवा घो न पा ३ 

सर्‍रहिया , कैलाली 

किन किन कोइ सताइ रहन्छ ।
फेरि आफु बाट हताइ रहन्छ ।।

किन उ आँसुकै कुरा गर्छ फेरि ,
मार्का नपार्नु भनी बताइ रहन्छ ।।