हिरगर साहित्यिक बगालके नियमित श्रंखला घोडाघोडी एफ एमसे

हिरगर साहित्यिक बगालके नियमित श्रंखला घोडाघोडी एफ एमसे

हिरगर संवाददाता,
सुखड, १६ पुुस
    हिरगर साहित्यिक बगाल आज पुस १६ गतेसे अब नियमित रुपमे थारु भाषा, कला, साहित्य, सँस्कृति संरक्षण सम्बद्धनकेलाग आब नियमित रुपसे घोडाघोडी एफ.एम.से अब प्रत्येक शनिवार सँन्झक २ बजेसे ३ बजेसम अबसे रोज सुने मिल्ना हुइलबा । अबसे थारु साहित्यहे हराभरा बनाइकलाग हिरगरके सबजे जुटके अपन भाषा लिपि, पहिचान हे चिनहेक पर्ना जरुरीबा कटि रेडियोके तरगं मार्फत अब हिरगर अभियान चलाइल हिरगर बगालके अध्यक्ष हिरालाल सत्गौँवा हिरगर डटकमहे जानैटि कलैँ । समय विकाशके गतीसँगे आझ भाषा हेरैना अवस्था आइपुगलबा मने यी विषय आज सम्म नाही राजनीतिक दल नाही जानकार पक्ष मजासे कडम चलाइल अवस्था विल्गाइलहोे ।  सुदुर पश्चिम क्षेत्रमन अभिनसम नाँही कौनो थारु पुस्तकालय नाँही थारु संग्राहलाय उचित रुपमे बनल अवश्ठा हो । थारु मरुवा के स्थिति अभिनसम हेराइल लोप अवस्थम रना हमार पिछरलपन के परिचय डेहट ।