साहित्यमार्फत भाषा संस्कृतिके संरक्षण

साहित्यमार्फत भाषा संस्कृतिके संरक्षण

हिरगर समाचारदाता

धनगढी २१, सावन ।

साहित्य मार्फत संस्कृतिहे बचैना ओ समाज परिवर्तन करे सेकजिना शक्ति रहल साहित्यिक रचनाके वाचन सहित हिरगर साहित्यिक बगालके ३९ औँ भाग सम्पन्न हुइल बा ।

 

साहित्यसे फेन समाज परिवर्तन करे सेकजाइ कना उद्वेश्यसहित हिरगरके नियमित मासिक साहित्यिक श्रृङ्खला करगील रहे । हिरगर साहित्यिक बगालके अध्यक्ष हिरालाल सत्गौवाके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रममे देश विकास ओ समाज परिवर्तन कैना मेराइक साहित्यिक रचना बाचन करगील रहे । देश छोरके विदेश जैटी रहल अब्वाके युवाहे मध्यनजर कैके साहित्यिक रचना गीत, गजल, मुक्तकमार्फत सन्देश देगील रहे । कार्यक्रममे नृत्य निर्देशक दीप श्रेष्ठ कलाकार र साहित्यकार मिल्के गैलेसे समाजहे मजा डगर ओर डोरयाइ सेकजिनाके साथे कलाकार ओ साहित्यकारहुकनके एक्के उद्वेश्य समाज ओ देश परिवर्तन कैना हुइलक कारण सहकार्य करके गैलेसे हलहल समाज परिवर्तन हुइनाके साथे भाषा, संस्कृति, संरक्षण हुइना बात बटैलै ।

 

कार्यक्रममे हिरगर साहित्यिक बगालके नियमित मासिक श्रृङ्खला ४० औं भाग आगामी भदौ २४ गते नैनादेवी मन्दिरके परिसरमे हुइना हिरगर साहित्यिक बगालके अध्यक्ष हिरालाल सत्गौवा जानकारी देले बाटै । साथे आगामी कार्यक्रममे श्रृङ्गारिक साहित्यिक रचनासे फेन विकास सम्बन्धी साहित्यिक रचनाहे विशेष जोड देना बात बटैलै । कार्यक्रममे कलाकार मुन थारु, किरन चौधरी, संगत चौधरी, राजेन्द्र चौधरी, फिल्म निर्देशक चन्द्र चौधरी ‘चाँद’, क्यामरामेन साहिल चौधरी, साहित्यकार सागर कुश्मी, अनिता चौधरी, उषा चौधरी, आशा चौधरी, सानु