नेपालकै पहिल साहित्यिक वैब ओ २२औँ भाग

नेपालकै पहिल साहित्यिक वैब ओ २२औँ भाग

हिरगर सम्वाददाता
धनगढी, २४ फानुन
     हिरगर साहित्यिक बगालके २२ औं मासिक श्रृंखला धनगढी उपमहानगरपालिका स्थित जाखोर तालमे हुइना हुइल बा ।
     शिवरात्रीके अवसर पारके अप्की इ २२ औं श्रृंखला हुइलहो । कर्यक्रममे दांग से कंचनपुर समके साहित्यकारनके सहभागिता हुइलरहे । यीहे कार्यक्रम के बिचमन नेपालकै पहिल थारु साहित्यिक वैवसाइट हिरगर साहित्य डटकमके सार्वजनिक फेन हुइलबा । आझुक जमाना बिकासके गति सँग हमार सक्कु सँस्कार, परम्परा, रीति सँस्कृति, लगाएत हमार सक्कु पहिचान हेरैति आइटा । यीहिन चाहके फेन आझुक विकशित जमानम बँचैना बरा चुनैति बनसेकल अवस्थम हिरगर वैवसाइटके आवश्यक्ता परल हिरगर बगालके अध्यक्ष हिरालाल सत्गौँवा अपन विचार धरनै । थारु भाषाहे र्उवर बनाइकलाग नियमित कार्यक्रम सँग आझ  हिरगर साहित्यिक बगालके २२ औं भागमन पुगलबा । विगटके समयसे यी सँस्था तमानेक भाषा, साहित्य, सास्कृति बँचैना बहुटसे कार्यक्रम कर्ति आइलबा ।  यिहिनसे पहिले लोपहुइल रहल कटघोरिक नाँच, सखिया नाँचके गाँगमन लाठी नाँच बनासेकल अवस्था बा । वस्तहिके गतबर्षसे फगुइ कार्यक्रम फेन करल ओ उहिन निरन्तरता असौँफेन देना हिरगरके उपाध्यक्ष प्रेमा चौधरी जनैली । दांगके साहित्यकार तथा बर्का पहुना शिवहरि सत्गौंवा हिरगरहे शुभकामना देति ऐति रहल धुरहेरि कार्यक्रम मजासे तयारी करके अपन सँस्कार बँचैना हमारे यूवनके हाँथमन बा कनै । वस्तहिके दोसर बर्का पहुना असिराम चौधरी भारतसे भरखर नेपाल आइलमौकम हिरगर के साहित्यक श्रृखलामन पहिलबार सहभागिहुइपाके खुशिव्यक्त कर्ति साहित्य बाचनके ओँरी उहे उघरलेरहैँ । नेपालकै पहिल वैबसाइट जन्मैलेक हिरगर बगाल परिवारहे धन्यबाद ओ बधाई देति प्रगतिके कामना करले रहित । थारुनके डटकम के संचालक बालकृष्ण चौधरी फेन सहभागिहुके आइपरल कर्रानरम ठाँउमन मिलके सामना करति अपन पहिचान बँचैना ओ बँचाउकना अभियान चलैना जरुरीबा कति मिठ शुभकामन देले रहैँ । प्र्रयटकिय नगरि कहिके चिन्हजैना ऊ जरखोर ताल शिवभत्तन तथा रमाइलो करुइयनके भिरभारले भरल ऊ ठाँउमन साँगिति ओ कनाँचकोर, मेला, ते लाउमन घुमुइयनके भिरभार ठाँउसे जरखोर तलुवा जगजगाइल बिल्गाइटहे ।